आज, मैं आपको हिन्दी भाषा मे एक अत्यन्त महत्वपूर्ण फिल्मांकन प्रस्तुत कर रहा हूं। यह मात्र एक फिल्मांकन ही नहीं है, केवल कोई प्रवचन ही नहीं है अपितु मेरे जीवन का अनुभव है, एक प्रत्यक्ष अनुभूति है, एक ऐसी अनुभूति जिसे मैं प्रत्येक श्वास-प्रशवास के साथ जीता हूं।

इस फिल्मांकन मे मुखरित प्रत्येक शब्द पूर्ण सत्य है, वो सत्य जिसको मैने साक्षात देखा, साकार देखा, वो सत्य जिसको मैने अनुभव किया। इसमे मैने लगभग अपने पूरे अनुभव का वर्णन किया है, वो अनुभव जो मुझे जगन्माता के दर्शन के समय हुआ था। इस फिल्मांकन मे देवी माँ के दर्शन का व्याखान है। वो दर्शन जब माँ मेरे सामने प्रत्यक्ष प्रकट हो गयी।

कई बार लोग मुझे पूछते हैं कि क्या मैने देवी माँ को देखा है और अगर देखा है तो वो कैसी हैं! मेरे लिये इस दर्शन को ब्यान करना कठिन हो जाता है। आन्तरिक भाव बाहरी शब्दों को रोक देता है। फिर भी मैने बहुतों को अपना वचन दिया के एक दिन मैं भाव मे आकर अपने दर्शन के पलों को रिकार्ड कर दूंगा। उनको किसी फिल्मांकन मे कैद कर दूंगा।

इस वीडियो में आपके लिये एक सूक्ष्म संदेश है, यदि आप उस संदेश को समझ पाते हैं तथा उसे अपने जीवन मे धारण करने मे सक्षम होते है तो आपको इस फिल्मांकन को देखने के बाद जीवन पर्यन्त कोई और प्रवचन सुनने की या कुछ और पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

एकांत मे बैठ, जब तसल्ली से तीस मिनट निकाल सकें, तो एकाग्रता के साथ इसको देखो। यदि आस्तिक हो, तो इसको देखने से ईश्वर मे आपका विश्वास दृढ हो जायेगा।

शांति।
स्वामी