पिछले कईं वर्षों में, मैं ने कईं विषयों पर इस ब्लॉग पर २०० से भी अधिक लेख लिखें हैं (उदाहरणार्थ रिश्ते, भावनाएं, ध्यान, आध्यात्मिकता आदि)। अब शारीरिक स्वास्थ्य के विषय पर लिखने का समय आ गया है। इसका प्रारंभ मैं वजन कम करने के विषय से करता हूँ। मैं आप को यह याद दिलाना चाहूँगा कि मैं कोई चिकित्सक नहीं हूँ। परंतु, मैं यहाँ किसी भी दवा या आहार योजना का सुझाव अथवा प्रस्ताव नहीं कर रहा हूँ। मैं तो केवल वजन घटाने के विषय में अपने विचार प्रकट करूँगा। आप को कुछ सरल विधियाँ बताउंगा जिस की सहायता से आप अपनी जीवन शैली में कोई उग्र परिवर्तन करे बिना ही वजन को घटा सकते हैं। मैं आप को शाकाहारी बनने की सलाह नहीं दे रहा हूँ (हालांकि यदि आप ऐसा करते हैं तो आप के लिए लाभदायक हो सकता है), या आप को प्रतिदिन मैराथोन दौड़ने को नहीं कहूँगा (हालांकि विचार बुरा नहीं है), या कुछ विशेष आहार परिशिष्ट करने वाला पदार्थ लेने को नहीं कह रहा हूँ (कभी कभी वे लाभदायक हो सकते हैं)।

क्या कसरत तथा अपने आहार में परिवर्तन करे बिना वजन कम करना वास्तव में संभव है? इससे भी महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या यह विधि स्थायी रूप से वजन को कम कर सकती है? इसका उत्तर है हाँ! निस्संदेह अच्छा आहार, शारीरिक व्यायाम या एक स्वस्थ जीवन शैली ही शरीर के लिए सबसे लाभदायक होते हैं। परंतु इसका यह अर्थ नहीं कि अन्य कोई विकल्प ही नहीं है। इस लेख में मेरे सुझाव आयुर्वेद के सिद्ध एवं परीक्षित ज्ञान पर आधारित हैं, जो कि आधुनिक विज्ञान द्वारा मान्य किए जा चुके हैं। मैं यह भी कहना चाहूँगा कि ऐसा कोई प्रमुख शास्त्रीय आयुर्वेदिक पाठ नहीं जो कि मैं ने पढ़ा ना हो, इसलिए यह केवल मेरी राय ही नहीं, परंतु विश्वसनीय निर्देशन है जो कि स्वास्थ्य की प्राचीन पद्धति पर तथा जिन लोगों ने इसे अपनाया उनकी सफलता पर आधारित है।

तो, कैसे अपना वजन कम किया जाए? इस का उत्तर जानने के पहले आप यह जानने का प्रयास करें कि वास्तव में क्या आप को वजन घटाने की आवश्यकता है। हम कैसे यह जान पाते हैं कि किसी को वजन घटाने की आवश्यकता है कि नहीं? हम बॉडी मास इंडेक्स (बी.एम.आई) या कमर की परिधि जैसी संख्या को देखते हैं। यदि किसी के आँकड़े औसत सीमा के भीतर नहीं हों, तो इस तरह के व्यक्ति के वजन को अधिक माना जाता है। परंतु यह विधि लगभग पूरी तरह से एक व्यक्ति के व्यक्तित्व को अनदेखा कर देती है। इसके अलावा मीड़िया के माध्यम से आज कल स्वस्थ शरीर एवं रूप के विषय पर एक अवास्तविक अपेक्षा हो गई है। हालांकि अभिनेता की सुंदर बनाई हुई परिवर्तित चित्रों को देखकर प्रेरित होने में कोई बुराई नहीं है, वे सुधारी हुई चित्र किसी भी समझदार व्यक्ति के लिए मानदंड नहीं होनी चाहिए। यदि आप जानना चाहते हैं कि आप को वजन घटाने की आवश्यकता है या नहीं, तो यह सरल परीक्षण कीजिए –

सामान्य गति से सीढ़ियों को चढ़ें। नीचे उतरें। फिर चढ़ें। क्या आप हांफ रहे हैं? यदि नहीं तो आप ठीक हैं। आप को वजन घटाने के विषय में चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। मोटापे के साथ जुड़े शारीरिक व्याधियों से आप के ग्रस्त होने की संभावना कम है। एक सामान्य पौष्टिक आहार का ग्रहण करें, नियमित रूप से व्यायाम करें और अपने जीवन का आनंद लें। यदि शारीरिक व्यायाम पहले से ही आप के दिनचर्या का एक हिस्सा है और फिर भी आप सीढ़ियों को चढ़ते समय हांफते हैं तो संभवत: आप को अपने वजन को घटाने की आवश्यकता है। आगे चलकर मैं कुछ और ऐसे लेख लिखूँगा जिसमें मैं वजन को कम करने के कुछ अन्य उपाय लिखूँगा। चलिए आरंभ करते हैं सबसे सरल एवं प्रभावी प्राकृतिक विधि से। एक पतला व्यक्ति भी इस अभ्यास द्वारा बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य का अनुभव करेगा। यह रही विधि –

अपने भोजन को अच्छी तरह चबाएं

हाँ, मात्र इतना ही! आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर के रोगों में से पंचानवे प्रतिशत पेट से उत्पन्न होते हैं और उनमें अधिकतर रोग भोजन को ठीक से चबाने से रोके जा सकते हैं। यदि आप पौष्टिक पदार्थ भी नहीं खा रहे हैं, फिर भी जब तक आप पूरी तरह अपने भोजन को चबा रहे हों आप को भोजन के बाद सुस्ती का अनुभव नहीं होगा। भोजन शीघ्र ही पच जाएगा और आप का मोटापा भी कम हो जाएगा। और तो और, फिर से आप का वजन बढ़ेगा भी नहीं (जब तक आप ठीक से भोजन चबाना बंद न कर दें)। क्या यह असत्य लगता है? केवल मेरे शब्दों पर विश्वास ना करें – आप स्वयं प्रयास करें और स्वयं परिणाम देख लें। इस विधि को जिन व्यक्तियों ने अपनाया उन्होंने पाया कि कुछ ही सप्ताहों में उन का वजन कम हो गया। औसत अवधि छह सप्ताह थी। उन सभी ने मुझे बताया कि वे पहले से कहीं अधिक ओजस्वी एवं स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।

जब आप अच्छी तरह से अपने भोजन को चबाते हैं, तो यह केवल पाचन के लिए ही लाभदायक नहीं। दो और कहीं अधिक महत्वपूर्ण विषयों से भी इस का संबंध है। सर्वप्रथम, आप अपने भोजन के प्रति और जागरूक हो जाते हैं तथा आप और धीरे खाते हैं। इस के फलस्वरूप, आप का शरीर एवं मन और अनुरूप एवं अनुकूल हो जाते हैं। आप का शरीर भोजन को और बेहतर अवशोषित करता है, भोजन पौष्टिक ना भी हो फिर भी। दूसरी बात, आप की लार में एंज़ाइम नामक सशक्त जैविक अणुएं हैं। एंज़ाइम अच्छी पाचन के लिए उत्प्रेरक होते हैं। आप जितना अधिक चबाते हैं उतना ही बेहतर आप अपने भोजन को अपने लार के साथ मिलाते हैं। और आप भोजन को जितना अधिक चबाते हैं उतने ही अधिक एंज़ाइम आपके पेट तक पहुँच पाते हैं। यदि आप एक चॉकलेट को पिघला कर पीते हैं तो आप उसे खाने की तुलना में और अधिक भारी महसूस करते हैं। पिघला हुए चॉकलेट को पचने में और अधिक समय लगता है। ऐसा क्यों? इसका कारण यह है कि जब आप चॉकलेट को पिघला कर पीते हैं तब आप सीधे उसे अपने पेट में डाल देते हैं, लार के एंज़ाइमों के बिना। आपके पेट में जितनी लंबी अवधि तक ठोस आहार रहता है , वसा जमा होने की उतनी ही अधिक संभावना है। परंतु लंबी अवधि के लिए अपने पेट को खाली रखने या भोजन में बड़ा अंतराल होना भी अच्छा नहीं है। मैं इस विषय पर विस्तार से कभी और लिखूँगा। अभी के लिए, इस लेख का मुख्य विषय है वजन कम करने हेतु अपने भोजन को अच्छे से चबाना।

प्रश्न यह उठता है कि भोजन को कितनी बार चबाना चाहिए तथा आप यह कैसे जान पाएंगे कि भोजन को अच्छी तरह से चबाया है कि नहीं? इस का वैसे तो कोई निश्चित नियम नहीं है परंतु आप लगभग बत्तीस बार चबा सकते हैं, अथवा आपके पास जितने दांत हैं उतनी बार चबाएं, अथवा भोजन जब तक लगभग तरल ना हो जाये आप उतनी बार चबाएं। दूसरे शब्दों में, चाहे कुछ भी हो जाये, शीघ्रता से ना खायें। भोजन को निगलें नहीं। एक एक निवाले का स्वाद लें। आप क्यों इतनी कड़ी मेहनत करते हैं? ताकि आप सुखपूर्वक भोजन कर सकें तथा प्रसन्नतापूर्वक जी सकें, है ना? तो हम भला कैसे अपने भोजन को जल्दबाज़ी में कर सकते हैं? याद रखें कि आप इतनी मेहनत करते हैं ताकि आप एक आनंदमय भोजन कर सकें, एक सुखद जीवन का आनंद ले सकें।

धीरे धीरे खाएं और अपने भोजन को अच्छी तरह चबाएं और शीघ्र ही आप का वजन कम होना शुरू हो जाएगा। मैं दोहराना चाहूँगा कि यह विधि शारीरिक व्यायाम और पौष्टिक आहार की जगह नहीं ले सकती। परंतु यह आप के वजन को घटाने में आप की मदद अवश्य करेगा। और आप चबाने में किए गए श्रम को व्यायाम नहीं कह सकते! भविष्य में मैं अत्याधिक वजन को घटाने की अन्य विधियों के विषय में लिखूँगा।

शांति।
स्वामी