ॐ स्वामी

क्रोध को कैसे पराजित करें?

अपने क्रोध को त्यागें। उसको क्षितिज के पीछे अस्त हो रहे सूरज की तरह डूब जाने दें। यहाँ इसकी तीन साधनाएँ हैं।

आज मैं आपके लिए एक महत्त्वपूर्ण लेख लेकर आया हूँ कि क्रोध पर कैसे विजय पायें। क्रोध पर काबू पाने की एक प्रधान विधि है और कुछेक सहायक विधियां भी। सबसे पहले मैं आपको एक कहानी बताता हूँ। एक शिष्य एक सिद्ध गुरू के पास गया। वह जानना चाहता था कि समाधि की अवस्था कैसे प्राप्त करें। गुरू ने कहा, “जब थक जाओ तो सो जाओ और जब भूख लगे तो खा लो, मुख्या रूप से बाद इतनी की ही आवश्यकता है।” शिष्य ने तेज स्वर में कहा, ” वैसे भी क्या…read more

तीन प्रकार के क्रोधी मनुष्य

रेत के महल कितने भी सुन्दर हों, ये अस्थाई होते हैं। लहरें इन्हें किनारे से बहा ले जाती हैं। आप क्या पकड़े बैठे हैं?

एक समय की बात है, कुछ बच्चे समुद्र तट पर खेल रहे थे। वे रेत पर महल और अन्य संरचनाएं बनाने में व्यस्त थे। कुछ बच्चों के पास अधिक सामान थे अन्य की तुलना में। उनके पास बेलचा, मग, बाल्टी व कुछ अन्य उपकरण थे। अपना महल बनाने में उन लोगों ने घंटों लगाए। उनमें से एक बच्चे को संरचना बनाने में कोई रुचि नहीं थी, वह केवल गौर से सब देख रहा था। बाद में दोपहर के समय जब सारे बच्चे अपने रेत के महल की लगभग पूर्णता तक…read more

दो प्रकार का क्रोध

जो अग्नि कमरे को उष्मा देती है, वही अग्नि घर को जला भी देती है। दिग्भ्रमित भावनाओं का प्रतिफल क्रोध होता है।

पिछले पोस्ट को आगे बढाने के क्रम में आज मैं क्रोध के दो प्रकार पर विस्तृत प्रकाश डालूँगा। क्रोध एक प्राकृतिक भाव है। कोई भी मनुष्य जिसके मन में प्रेम, करूणा और दया की भावना है वह आक्रोश घृणा और इस तरह की अन्य भावनाओं से भी घिरा हो सकता है। जो भी हो किन्तु अपने विचारों पर डिगे रहना निश्चित रूप से क्रोधित होना नहीं है। अतः आप यह कैसे जानेंगे कि अनुशासित करने की कोई भी भंगिमा क्रोध की उपज नहीं किन्तु आवश्यकता है। क्रोध नकारात्मक ऊर्जा को…read more

लोग क्रोध में चिल्लाते क्यों हैं?

क्रोध आपका क्वथनांक है। क्रोध के उबाल की शीघ्रता परिस्थिति या विषय के प्रति आपकी संवेदनशीलता और उसे आहत करनेवाले तत्वों के ताप पर निर्भर करती है।

क्या क्रोध प्रेम का दूसरा पक्ष है? सच में नहीं। यह तो स्वीकृति के विपरीत और शांति का दूसरा पक्ष है। आप तभी क्रोधित हैं जब अपने अंतर्मन में शांत नहीं हैं। मसीह ने क्रोध नहीं किया जब उन्हें सूली पर लटकाया गया, बुद्ध ने क्रोध नहीं किया जबकी उनके ऊपर थूका गया, सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेगबहादुर, को गर्म तवे पर बैठाया गया और उनके शरीर पर दहकता हुआ रेत डाला गया। उन्होंने क्रोध नहीं किया। क्या इसका ये अर्थ है की इनलोगों को जो प्रताड़ना सहनी पडी…read more

अपने आप को क्षमा करें

क्या आप किसी पर सवार हैं या स्वयं कोई बोझ उठा रहे हैं? परिस्थिति जैसी भी हो, अपने आप को क्षमा करें।

क्षमाशीलता के विषय पर बहुत कुछ लिखा गया है। यह एक दिव्य गुण माना जाता है, और जहाँ तक मुझे पता है, विश्व के सभी धर्म इसका समर्थन करते हैं। अक्सर क्षमा सर्वोत्तम कृत्य होता है, यह आप पर से एक बोझ हटा देता है जिस से आप हलका महसूस करते हैं। परन्तु क्षमा करना सदैव आसान नहीं होता। इससे पहले कि मैं इस विषय पर अपने विचार प्रकट करूं, मैं आपको एक कहानी बताता हूँ। एक मठ में एक बार एक गुरु क्षमाशीलता पर उपदेश दे रहे थे। कुछ…read more

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