ॐ स्वामी

ठंड मे अधिक दुखता है

जैसे हिम ठंड में सख्त और भंगुर बर्फ बन जाती है, वैसे ही करूणा रहित ह्रदय कठोर हो छोटी सी चोट से ही टूट जाता है।

एक मठ में किताबी ज्ञान से भरा हुआ एक साधक रहता था। शास्त्रार्थ तथा धार्मिक वाद-विवादों में कोई उसे पराजित नहीं कर पाता था। धार्मिक कृत्य के पालन में वह निपुण था। आत्म-बोध और ईश्वर प्राप्ति का उसपर जुनून सवार था। वह अपना पूरा समय विभिन्न धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने में व्यतीत करता था। उसके लिए ईश्वर, ध्यान और आत्म-बोध ही सब कुछ था। किताबों से सूखा ज्ञान लेकर उसमें कदाचित उच्चता और दम्भ की भावना आ गयी थी। वो केवल अपने मोक्ष के लिये प्रयत्नशील था, आसपास चाहे…read more

चार रानियों की वास्तविकता

एक राजा अपनी चार पत्नियों से बहुत प्रेम करता था, परंतु जब उसका अंत निकट आया तो उन्होंने उसे छोड़ दिया। यहाँ एक सुंदर कहानी प्रस्तुत है।

एक समय की बात है, एक राजा था जो किसी राज्य में शासन करता था। उसकी चार पत्नियाँ थीं, जो एक से बढ़कर एक सुन्दर एवं स्त्रैण गुणों से युक्त थीं। राजा उन चारों से अनुराग रखता था परंतु उसे चौथी पत्नी सर्वाधिक प्रिय थी फिर तीसरी, दूसरी और पहली। पहली पत्नी उनमें सर्वाधिक वयस्क थी। एक दिन राजा वन में आखेट के लिए गया। वहाँ उसे एक अज्ञात कीट ने काट लिया और वह एक दुर्लभ बीमारी से ग्रसित हो गया। वैद्य एवं तांत्रिकों ने अपनी सारी विद्या का…read more

1