ॐ स्वामी

क्यों लोग प्रेम या घृणा करते हैं

लोग आप से नहीं आप के पास क्या है उससे प्रेम या घृणा करते हैं। वे जो चाहते हैं वह आप के पास है तो प्रेम करते हैं। नहीं है तो घृणा करते हैं।

एक समय की बात है एक युवा बाज अपने विशाल पंखों को फैलाये एक सुंदर झील के सैंकड़ों फीट ऊपर नीले गगन में उड़ते हुए भोजन ढूंढ रहा था। उसने झील के निर्मल जल में तैरती हुई एक मछली को देखा। तुरंत ही उसने डुबकी लगाई तथा अपने तीक्ष्ण पंजों से मछली का शिकार किया। फिर उसने विचार किया कि वह कहीं उँची जगह पर शांति से बैठ कर अपने शिकार का भोजन करेगा। तब ही बाज के एक झुंड ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। वे उससे बड़े…read more

आत्म समर्पण क्या है?

आप आत्म समर्पण कर सकते हैं एक बिल्ली के बच्चे की तरह या एक बन्दर की तरह। इनमें से आप कौन हैं?

ईश्वरीय सत्ता और अस्तित्व में विश्वास करनेवाले अधिकतर धर्म अपने भक्तों को ईश्वरीय इच्छा के आगे सम्पूर्ण समर्पण की भावना को गहन महत्व देते हैं। कुछ मार्ग तो गुरु, आध्यात्मिक गुरु के आगे सम्पूर्ण समर्पण को आवश्यक मानते हैं। अतः वास्तव में समपर्ण का मायने क्या है और समर्पण करना कितना आवश्यक है? एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में, एक वृद्ध किसान अपने एकलौते पुत्र के साथ रहता था। उनके स्वामित्व में एक छोटा सा खेत का टुकड़ा, एक गाय, और एक घोड़ा था। एक दिन…read more

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