उन्मत विश्व

वन के वृक्षों का अवलोकन करने के लिए, आपको उससे थोड़ी दूरी बनानी होगी या ऊंचाई से निरखना होगा। तब सत्य पूर्ण ज्योति की तरह चमकेगा।

आपको इस संसार में रहना कैसा लगता है? कठिन, ठीक-ठाक, उत्तम या उपयुक्त? ऐसा भी हो सकता है कि आपको इस विषय पर सोचने का कभी अवसर ही ना मिला हो। यह एक विक्षिप्त संसार है, एक पागल संसार। यह कभी तो पागलपन की हद तक सुंदर लगता है तो कभी कभी खूबसूरती की हद तक पागल, लेकिन रहता पागल का पागल ही है। संभवतः इसका यह पागलपन ही है जो हमारी दृष्टि में इसे अद्भुत, विकासशील और सुन्दर बनाये हुए है। यह संसार हमें अनिवार्य तथा आवश्यक प्रतीत होता…read more