शरीर के प्रति सतर्क रहना

अपने शरीर की सुनें। अग्नि के ही समान, कोई भी बीमारी इतनी लघु नहीं होती कि आप उस को अनदेखा कर दें। छोटी सी बीमारी भविष्य में असहनीय रोग बन सकती हैं।

सतर्कता एक ऐसा उत्तम एवं लाभप्रद गुण है जिस की वृद्धि के लिए आप परिश्रम कर सकते हैं। सचेत रहने और सतर्कता में एक छोटा परंतु महत्वपूर्ण अंतर है। सचेत रहने का अर्थ है सदैव एक जागरूकता की भावना बनाए रखना जिस के द्वारा आप स्वयं के विचारों एवं कार्यों को देख रहे हों। अत्यधिक अभ्यास के द्वारा आप के सचेत रहने की क्षमता इतनी तीक्ष्ण हो जाती है कि आप को फिर कोई विशेष प्रयास करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। सचेत रहना एक स्थिर जीवन और एक स्वस्थ…read more