मनुष्य क्यों ऊब जाता है?

जब आप क्रिया के अभाव से अप्रभावित एवं संतुष्ट रहते हैं तब ऊब शांति बन जाती है।

सभी आयु के पाठक मुझसे ऊब के विषय में प्रश्न करते हैं। कुछ अपनी दिनचर्या से ऊब रहे हैं, कुछ अपने जीवन-साथी से तो कुछ व्यक्ति अपने पूर्ण जीवन से ही ऊब रहे हैं। विशेषतर माता-पिता मुझसे पूछते हैं कि वे अपने बच्चों को कैसे समझायें जब बच्चे यह कहते हैं कि बोरियत के कारण वे पढ़ाई नहीं करना चाहते। मेरे अनुसार ऊब दो प्रकार की होती हैं – आलसी ऊब तथा क्रियाशील ऊब। इन दोनों परिस्थितियों में आप का मन आप को ऊब के साधन से दूर करना चाहता…read more