आप निर्बल नहीं हैं

एक कड़ा नारियल भी एक झटके में टूट सकता है। इस का यह अर्थ नहीं कि वह भंगुर एवं शक्तिहीन है। केवल यह कि वह भेद्य है।

क्या आप को सदैव सशक्त बने रहना चाहिए? क्या यह संभव है? “दृढ़ एवं सशक्त बनो”- ऐसा हम बाल्यावस्था से सुनते आए हैं। जब नन्हा बालक नीचे गिर जाता है और लोग उस को रोते हुए नहीं देखना चाहते तब वे उसे बलवान बन ने को कहते हैं। जब आप वयस्क बन जाते हैं और जीवन में कुछ अप्रिय होता है तो लोग फिर आप को दृढ़ एवं सशक्त बन ने को कहते हैं। एक करुणामय व्यक्ति आप की दुर्दशा को समझेगा तथा अपनी सहानुभूति द्वारा आप में शक्ति उत्पन्न…read more