ॐ स्वामी

टकराव के तीन सिद्धांत

टकराव का लक्ष्य अन्य व्यक्ति को नीचा दिखाना अथवा व्याकुल करना नहीं है।

किसी का सामना करना कठिन होता है, क्योंकि कई बार इस का परिणाम यह होता है कि व्यक्ति संताप में डूब जाता है। आप जिस से टकराव कर रहे हैं वह व्यक्ति असहमति प्रकट कर सकता है, विरोध कर सकता है, अथवा यदि वह ईमानदार हो तो क्षमा भी मांग सकता है। परंतु यह संवाद कभी भी इतना सरल एवं सुखद नहीं होता। यह संवाद दो दलों या सरकारों के बीच हो सकता है, या फिर पती-पत्नी, माता-पिता और संतान, दो मित्र या एक प्रबंधक एवं कार्यकर्ता के बीच हो…read more

क्या हम बुरे माता पिता हैं?

बच्चों की परवरिश की निश्चित रूप से कोई उचित अथवा अनुचित विधि नहीं होती है। यदि आप निष्कपट हैं, तो समझें आप सही हैं।

मैंने कब और क्या गलती की? मैं अपने बच्चों को कैसे समझाऊँ कि मैंने बहुत प्रयत्न किया? कैसे मनाऊँ कि मैं एक बुरा अभिभावक बनना नहीं चाहता था? कैसे समझाऊँ कि मैंने उन्हीं को प्राथमिकता दी और उन्हीं का हित चाहा? प्राय: मैं ऐसे माता-पिता से मिलता हूँ जिन को ऐसा प्रतीत होते है कि सालों साल उनकी इच्छाओं का बलिदान देकर भी उन्होंने अपनी संतान की उत्तम परवरिश नहीं की है। उन्हें लगता है कि उन का कोई तो दोष है। उन को ऐसा प्रतीत होता है कि वे…read more

सबसे महत्वपूर्ण तीन प्रश्न

यदि इन प्रश्नों को अपने आप से पूछें तो आप अपना जीवन कुछ अलग प्रकार जी सकते हैं। कहानी पढ़ें।

सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति कौन है? सबसे महत्वपूर्ण समय क्या है? सबसे महत्वपूर्ण कर्म क्या है? एक समय की बात है एक राजा जब सुबह जागे उनके मन में ये तीन प्रश्न उठे। राजदरबार में उन्होंने अपने मंत्रियों एवं अन्य दरबारियों से ये प्रश्न पूछे। कुछ व्यक्ति यह बोले कि राजा सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं, मृत्यु की घड़ी सबसे महत्वपूर्ण समय है, तथा अपने धर्म का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण कर्म है। अन्य लोगों का यह मानना था कि जनम का समय सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, दान सबसे महत्वपूर्ण कर्म…read more

जीवन एक संघर्ष

जीवन वास्तव में एक संघर्ष है या यह केवल दृष्टिकोण पर निर्भर है? कहानी पढ़ें।

हर महीने मैं दो-तीन हज़ार ईमेल पढ़ता हूँ। इन में नब्बे प्रतिशत ईमेल ऐसे व्यक्तियों से होते हैं जो किसी ना किसी समस्या से परेशान हैं और संघर्ष कर रहे हैं। उनमें से कुछ जीवन के उस चौराहे पर हैं जहाँ वे समस्याओं से जूझते जूझते थक गए हैं और आगे क्या करना है उन्हें पता नहीं, वे ऐसा कहते हैं। कई व्यक्ति यह लिखते हैं कि जीवन उन पर अत्यंत निर्दयी रहा है। जीवन एक संघर्ष है और उन के लिए जीवन सदैव ऐसा ही रहा है, वे ऐसा…read more

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