सबसे बड़ा भय

अज्ञात वस्तु, मृत्यु, पराजय, असफलता व अस्वीकृति के भय से परे एक और भी भय है। सबसे बड़ा भय...

“हर बार जब मैं गोल अखाड़े में जाता हूँ, मुझे भय लगता है। परंतु यह अपने आप पर निर्भर करता है कि इस भय का आप कैसे सामना करते हैं। आपको केवल यह करना है कि अपने पैरों को जमाकर रखें, अपने मुखपत्र को दाँतों पर कसें और कहें, ‘चलो शुरु हो जाओ!’।” ये प्रसिद्ध मुक्केबाज़ माइक टायसन के शब्द हैं। यदि इसके बारे में सोचें, तो यही सार है – “चलो शुरु हो जाओ!”। क्रिया ही भय का सबसे प्रबल विषहर है। यदि आप अपने आस-पास देखें, तो आप…read more