क्या वास्तव में कष्ट सहना आवश्यक है?

श्रद्धा के दीपक से कष्ट का अंधकार दूर हो जाता है। आप अपनी परिस्थिति को स्पष्ट रूप से समझ पाते हैं।

अनेक व्यक्तियों के साथ नियमित कथन द्वारा तथा विश्व भर के पाठकों के ई-मेल पढ़ कर, मैं ने यह जाना है कि किसी के साथ जब कुछ भी प्रतिकूल घटित होता है सर्वप्रथम उन्हें अविश्वास की भावनाओं का अनुभव होता है। हालांकि प्रत्येक मनुष्य आत्मसंदेह एवं अयोग्यता के उदासीन क्षण अनुभव करता है, परंतु मन ही मन सर्वाधिक व्यक्तियों का यह मत है कि वे अन्य व्यक्तियों से अधिक श्रेष्ठ हैं। उदाहरणार्थ अधिकतर व्यक्ति यह मानते हैं कि वे अपने पति या पत्नी की तुलना में अधिक दानी होते हैं,…read more