जब वे आपको पीड़ा पहुंचाएँ

मानवीय भावनाओं के भिन्न भिन्न रंग व उतार चढ़ाव ही जीवन रूपी सरिता को और अधिक सौम्य, नीलवर्ण व विस्मयकारी बनाते हैं।

एक दिन किसी ने मुझसे पूछा कि हमारे अपने ही हमें सर्वाधिक पीड़ा क्यों देते हैं? यदि आप मुझसे पूछें तो यह एक प्रश्न नहीं है, आपितु यह एक तथ्य है, चूंकि केवल आपके अपने ही आपको सर्वाधिक पीड़ा दे सकते हैं। वे जो आपको जानते नहीं, आपको कष्ट तो दे सकते हैं किन्तु वे आपको भावनात्मक पीड़ा नहीं पहुंचा सकते। टूटे हुए रिश्तों में एक ऐसा बिन्दु आ जाता है जब दो लोग उस रिश्ते की परवाह करना छोड़ देते हैं। वे थक चुके होते हैं। दूसरे व्यक्ति से…read more