ॐ स्वामी

सर्वाधिक गहरा रहस्य

आकर्षण का नियम आप के सपनों को साकार करने में तब आप की सहायता करता है जब आप दूसरों के सपने साकार करने में उनकी सहायता करते हैं।

हम में से अधिकांश ने आकर्षण के नियम के विषय में पढ़ा है और अधिकतर व्यक्ति यह जानने को उत्सुक होंगे कि क्या यह वास्तव में सच है| क्या यह वास्तव में संभव है कि मात्र सोचने से ही आप संपत्ति, प्रेम तथा शांति को आकर्षित कर सकते हैं। संभवतः नहीं? इसमें कोई संदेह नहीं कि हर कार्य का प्रारंभ विचार से ही होता है परंतु सपनों की पूर्ती के लिए कर्म अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। ऐसा कहने के उपरांत भी, ऐसे लाखों व्यक्ति हैं जो अपने जीवन में परिवर्तन…read more

जल नहीं चाँद नहीं

प्रस्तुत है एक अति सुंदर जेन कथानक, श्रद्धा, प्रतिबंधिता व अहम से परे देख पाने में आपकी सहायतार्थ।

एक दिन मुझे एक महिला का ई-मेल प्राप्त हुआ जिन्हें मैंने गत वर्ष दीक्षित किया था। वह आध्यात्मिक मूल्यों को अपने में आत्मसात करने एवं अन्य लोगों तक उन्हें पहुंचाने के दिव्य कार्य के प्रति अत्याधिक समर्पित हैं। तथापि, कुछ समय पूर्व उनकी श्रद्धा एक और गुरु के प्रति हो गई, जो अब अपने देहरूप में नहीं हैं। वह एक श्रद्धालुओं के समूह द्वारा उनसे जुड़ी थीं जिन्होंने अपने अनुभव इत्यादि उनके साथ साझा किए। स्वाभाविक रूप से, इस सब ने उन्हें इन गुरु की शक्तियों के विषय में विचार…read more

सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य

यदि आप जीने का “ज़ेन” समझ लें तो आप जीवन की राह पर बहुत आगे बढ़ सकते हैं।

यदि आप मुझसे पूछें कि जीवन में आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता क्या होनी चाहिए, मैं यह कदापि नहीं कहूँगा कि साक्षात्कार अथवा ईश्वर की उपासना। मैं यह भी नहीं कहूँगा कि वह दूसरों की सेवा करना है। सर्वप्रथम बात जो मैं कहूँगा वह है कि अपने शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यह मात्र मेरा दृष्टिकोण है। “चाहिए” का उपयोग कर मैं यह सलाह नहीं दे रह कि आपको ये ही करना “चाहिए”। अनुकूल भोजन लेना, व्यायाम करना व शारीरिक रूप से पूर्णत: हृष्ट पुष्ट रहना –…read more

एक कष्टकारी विराम

क्या मृत्यु चयन क विषय है? क्या एक विशेष प्रकार से मृत्यु को प्राप्त होना यह इंगित करता है कि आप स्वर्ग जाएंगे अथवा नहीं?

मेरा सदा यह प्रयास रहता है कि मुझसे जो भी प्रश्न किया जाये मैं उसका जितना संभव हो उतना स्पष्ट उत्तर दूँ। किन्तु कुछ प्रश्न ऐसे भी हैं जिनका उत्तर मैं नहीं देना चाहूँगा। इसलिए नहीं कि मेरे पास कहने को कुछ नहीं, वरन इसलिए कि प्रश्नकर्ता के लिए सत्य बहुधा कष्टदायी होता है। गत वर्ष, मेरी विदेश यात्रा के दौरान, एक दंपति व्यक्तिगत भेंट के लिए प्रवचन के उपरांत मेरे पास आए। समय की वहाँ अत्याधिक कमी थी और मैं किसी को भी पाँच मिनट से अधिक का समय…read more