ॐ स्वामी

सर्वाधिक लाभदायक सौदा

गुरुनानक का जीवन एक शिक्षा है, स्वयं में एक दैवी संदेश। प्रस्तुत है एक सुंदर कहानी।

आज मैं एक कहानी से यह लेख आरंभ करता हूँ। यह एक प्रबुद्ध गुरु की पौराणिक कथा है। आपने यह कहानी पहले भी कईं बार सुनी होगी। फिर भी, जो अपने जीवन पर पुनर्विचार करने को तत्पर हैं, उनके लिए इस कहानी में एक प्रेरणादायक व मर्मस्पर्शी संदेश छुपा है। यह घटना तब की है जब गुरुनानक देव मात्र अठारह वर्ष के होंगे। उनके पिता मेहता कालू एक व्यापारी थे। और वे नानक को सांसारिक तौर-तरीकों से लुभाने का व्यर्थ प्रयास करते रहते थे। गुरुनानक अन्य व्यक्तियों से भिन्न थे।…read more

क्या आप जीवन को पीड़ा पहुँचा रहे हैं?

प्रेम एवं दया पर लिखी गई एक सुंदर कहानी जो हमारे जीवन को सार्थक बनाने हेतु गहरी अंतर्दृष्टि देती है।

मैं आरंभ करता हूँ बुद्ध के जीवन से ली गयी एक कहानी से। वही बुद्ध जो कि संसार त्यागने से पूर्व सिद्धार्थ के नाम से जाने जाते थे। सिद्धार्थ व उसका चचेरा भाई देवदत्त पूरा एक दिन वन में बिताने निकल पड़े। वे छायादार वृक्ष के नीचे आराम करते तो कभी सरोवर में खेलते। सेवक सेविकाएं उनका लालन-पालन कर रहे थे। उनकी सुविधा एवं सुरक्षा हेतु राजा के अनुगामी उपस्थित थे। हालांकि उन्होंने शिकार न करने की आपसी सहमति बनायी थी फिर भी देवदत्त अपना धनुष-बाण साथ ले आया था।…read more

क्या ज्योतिष विश्वसनीय है?

क्या वास्तव में समस्त ब्रह्माण्ड के खरबों ग्रहों में से मात्र नौ ग्रह हमारा भाग्य निर्धारित करते हैं?

प्रतिवर्ष करोड़ों व्यक्ति विभिन्न कारणों से ज्योतिषीय परामर्श लेते हैं। उनमेें से कुछ एक हजार व्यक्ति प्रतिवर्ष मुझे पत्र लिखते हैं। प्रायः वे पत्र लिखते हैं जब वे किसी ज्योतिषी द्वारा उनके भविष्य संबंधी बताई गई किसी बात को लेकर चिंतित होते हैं। और सामान्यता वही भविष्यवक्ता उन्हें कुछ उपाय भी बताते हैं जैसे कि यह नग या पत्थर पहन लो अथवा यह करो, वह करो और आने वाली बर्बादी टल जाएगी। बहुधा (सदैव नहीं) बताए गये उपाय का कुछ आर्थिक मूल्य भी होता है। और यहीं उस ज्योतिषी को…read more

When All is Not Well – जब सब ठीक न हो

क्योंकि सब कुछ ठीक लग रहा है का यह अर्थ नहीं कि सब ठीक ही है। यह है मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) का सत्य।

जीवन एक संघर्ष है जिस में दृढ़ परिश्रम की आवश्यकता है। मैं आप के बिल चुकाने, ऋण-मुक्त रहने, कठिन समय के लिए बचत करने, स्वस्थ बने रहने, आप की सेवानिवृत्ति की योजनाओं अथवा संबंधों के ठीक-ठाक बने रहने की बात नहीं कर रहा। यह सब तो कुछ भी नहीं (परिहास कर रहा हूँ!)। नि:संदेह, यह सब हमारे जीवन को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं, और संभवत: जीने लायक भी। मैं वास्तव में, एक अत्यंत सरल विषय की बात कर रहा हूँ – प्रसन्न रहना। हमारे द्वारा हर काम बहुत कठिनाई व ईमानदारी…read more

चिंताओं से परे जीवन

कहते हैं कि हंस मोतियों का भोजन करता है जबकि सामान्य पक्षी साधारण पदार्थ खा लेता है।

मैक्सिम गोर्की ने कहा “एक बार एक कौआ था। वह उड़ता रहता था। पहाड़ों से खेतों तक। इस झाड़ी से उस झाड़ी तक। इस प्रकार उसने अपना संपूर्ण जीवन जी लिया। फिर वह मर गया और उसका शरीर नष्ट हो गया। ऐसे जीवन का क्या औचित्य व अर्थ है? कोई अर्थ नहीं।” जी हाँ, हममें से अधिकतर व्यक्ति अपना जीवन गोर्की के कौए के समान व्यतीत कर रहे हैं। ऐसा क्यों? क्या आपने कभी बैठकर अपने विचारों का अवलोकन किया है? एक साक्षी के समान नहीं बल्कि एक विश्लेषक के…read more

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