ॐ स्वामी

सुंदर जीवन

क्या होता यदि मृत्यु न होती और हर कोई अमर होता? यदि जीवन अविनाशी होता तो क्या वह उत्तम होता?

आज जब मैं आश्रम के आगंतुकों से मिलकर अपने कमरे में वापस आया तो वर्षा तभी रुकी थी। हल्की बूंदाबांदी हो रही थी और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि हम धुँधले बादलों के कोहरे में खड़े हैं। शीघ्र ही बूंदाबांदी भी समाप्त हो गयी। मुझे दूर चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई दे रही थी। सर्दियों के सूर्य ने बड़े मजाकिया ढंग से बादलों से झाँका और गर्म किरणों का एक कंबल मेरी अध्ययन करने वाली मेज पर फैल गया। चिड़ियों का चहचहाना और भी निकट महसूस हुआ। मैं उठा और…read more

आध्यात्मिक संपत्ति

वह कौन सी नाव है जो आपको अशांत भावनाओं से शांति के आंतरिक सागर की ओर ले जाने में मदद करती है?

रूमी के प्रसिद्ध पुराण “मसंवी” में एक दरिद्र एवं एक कंजूस की सुंदर अपितु धृष्ट कथा है। अरब में गर्मी के एक दिन, एक दुर्बल, वृद्ध भिखारी ने भिक्षा की आस में एक धनी व्यक्ति के द्वार पर दस्तक दी। उसकी दयनीय अवस्था को देखकर द्वारपालों ने उसे भीतर आने दिया और उसे बरामदे में प्रतीक्षा करने को कहा। जैसे ही घर का मालिक आया, भिखारी ने याचना की “महोदय, कृपा कर आप मुझे एक रोटी का टुकड़ा दें?” “तुम्हें क्या लगता है?” मालिक ने उसे फटकारा “क्या यह कोई…read more

शून्यता की भावना

शून्यता की भावना का संबंध आपकी पहुँच में जो कुछ भी है, उससे नहीं है। यह आपके आनंद के केंद्र से संबंधित है।

शून्यता एक वास्तविक भावना है। यह कोई विकृति नहीं है। यह मात्र अकेलापन, उदासी, भ्रम या वियोग नहीं है, परंतु इन सभी का मिश्रण है। कभी न कभी हममें से प्रत्येक को दर्दनाक शून्यता के एक चरण का अनुभव होता है। एक दिन मैंने एक सुंदर अज्ञातकृत उद्धरण पढ़ा। मुझे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे मेरे जीवन में सब कुछ ठीक है। मैं लोगों के चुटकुलों पर हंसता हूँ। अपने मित्रों के साथ हास्यप्रद बातें करता हूँ जैसे कि मेरा जीवन चिंतामुक्त है। परंतु यह विचित्र है कि…read more

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