जीवन-सरिता

जब आप जीवन के प्रवाह के साथ बहना सीख जाते हैं, तब वह एक सुंदर और आनंदमय यात्रा बन जाता है।

एक दिन माँ शमता ॐ (जो मेरी प्रधान शिष्या और एक अत्यंत गरिमापूर्ण एवं सुंदर मनुष्य हैं) ने अपने सामान्य सरल विधि से कुछ गहन अर्थपूर्ण बात कही। “स्वामी” उन्होंने कहा, “यदि सोचा जाए तो मनुष्य का जीवन कितना सुंदर और सरल है। प्रतिदिन उठें, अच्छे कर्म करें, पेट-भर भोजन खाएं, दूसरों की सहायता करें, मानवता की सेवा करें और थोड़ा आराम करें। यही पर्याप्त है। परंतु किसी कारणवश अधिकतर मनुष्यों ने इसे बहुत अधिक सोच और चिंताओं के कारण बहुत जटिल बना दिया है।” इन शब्दों के संदेश के…read more