ॐ स्वामी

आलोचना करने की कला

प्रस्तुत है अपनी राय रखने का प्रभावी, सकारात्मक व अनुकरणीय मार्ग – सैंडविच-विधि।

कुछ सप्ताह पूर्व मैंने इस विषय पर लिखा की सत्य बताते समय किस प्रकार सावधानी पूर्वक शब्दों का चयन किया जाये ताकि हम सुनने वाले को आहत न करें। मैंने इस तथ्य पर भी बल दिया कि किस प्रकार एक मत रखने व सत्य बोलने में अति सूक्ष्म भिन्नता होती है। चूंकि हम किसी बात पर भरोसा रखते हैं अथवा किसी विशेष रूप से कुछ करते हैं और कोई दूसरा व्यक्ति वैसा नहीं करता, ऐसे में इसका यह अभिप्राय नहीं कि अपनी राय बता कर अथवा निंदा करके हम सत्य…read more

प्रेम करने की कला

प्रेम का संबंध पूर्णता व अनुकूलता से उतना नहीं है जितना आपसी समझ और सद्भाव से है।

प्रेम एक कला है और कदाचित सबसे महत्वपूर्ण कला। क्योंकि किसी भी संबंध में सामंजस्य के लिए, न केवल प्रेम एक मूलभूत तत्व है अपितु यह हमारे अस्तित्व का आधार भी है। यह एक ऐसी वस्तु है जिसकी हर कोई अभिलाषा करता है और जिसे पूरे ह्रदय से अर्पण भी करता है, फिर भी यह भ्रांतिजनक रहती है। या फिर मनुष्य को ऐसा प्रतीत होता है। प्रेम की कुंजी, यदि है, तो क्या है? यदि प्रेम की बात हो तब यह प्राचीन लोकोक्ति कि “दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार…read more

Kundalini — कुंडलिनी – एक अनकही कहानी

कुंडलिनी का उद्भव एक अति प्राचीन पौराणिक ग्रंथ में वर्णित शिव और उनकी संगिनी के प्रसंग से आरंभ हुआ…

एक महिला मुझसे मिलने आश्रम आईं। उनका व्यवसाय एक मनो-चिकित्सक व उपचारक का था ( इसका जो भी अर्थ होता हो ), और वह विभिन्न चक्रों के बारे में अच्छी जानकारी रखती थीं। उन्हें वास्तु, फेंग शुई व टैरोट में विश्वास था। एक तरह से कहा जाये तो ये सब उनके व्यवसाय के उपकरण थे। उस दिन वह कुछ चिंतित थीं, चूंकि एक प्रसिद्ध ‘चक्र-विशेषज्ञ’ ने उन्हें बताया था कि उनके चक्रों का घुमाव ठीक नहीं, जो उनके व्यवसाय में अवरोध उत्पन्न कर रहा था। “जरा दोहराएँ,” मैंने कहा, “आपके…read more

संसार

प्रस्तुत है पटाचारा की दंतकथा जिसमें गहन अंतर्दृष्टि के साथ एक महान संदेश भी है - वास्तविक सत्य।

एक दिन मैंने “द हिडेन लैम्पस” में “एना प्रजना डॅगलस” के शब्दों में पटाचारा की कथा पढ़ी। प्रस्तुत है (आंशिक अनुवाद के पश्चात) – कुछ २५०० वर्ष पहले भारतवर्ष के एक धनी परिवार में पटाचारा का जन्म हुआ पर अंततः वह अपने सामानवाही नौकर से विवाह करने के लिये घर से भाग गयी। जब वह अपने दूसरे पुत्र को जन्म देने वाली थी, तभी उसके साथ एक त्रासदी हो गई। एक ही दिन में उसने अपना सम्पूर्ण परिवार खो दिया। कहा जाता है कि उसके पति को विषैले सर्प ने…read more