ॐ स्वामी

Kundalini — कुंडलिनी – एक अनकही कहानी

कुंडलिनी का उद्भव एक अति प्राचीन पौराणिक ग्रंथ में वर्णित शिव और उनकी संगिनी के प्रसंग से आरंभ हुआ…

एक महिला मुझसे मिलने आश्रम आईं। उनका व्यवसाय एक मनो-चिकित्सक व उपचारक का था ( इसका जो भी अर्थ होता हो ), और वह विभिन्न चक्रों के बारे में अच्छी जानकारी रखती थीं। उन्हें वास्तु, फेंग शुई व टैरोट में विश्वास था। एक तरह से कहा जाये तो ये सब उनके व्यवसाय के उपकरण थे। उस दिन वह कुछ चिंतित थीं, चूंकि एक प्रसिद्ध ‘चक्र-विशेषज्ञ’ ने उन्हें बताया था कि उनके चक्रों का घुमाव ठीक नहीं, जो उनके व्यवसाय में अवरोध उत्पन्न कर रहा था। “जरा दोहराएँ,” मैंने कहा, “आपके…read more

संसार

प्रस्तुत है पटाचारा की दंतकथा जिसमें गहन अंतर्दृष्टि के साथ एक महान संदेश भी है - वास्तविक सत्य।

एक दिन मैंने “द हिडेन लैम्पस” में “एना प्रजना डॅगलस” के शब्दों में पटाचारा की कथा पढ़ी। प्रस्तुत है (आंशिक अनुवाद के पश्चात) – कुछ २५०० वर्ष पहले भारतवर्ष के एक धनी परिवार में पटाचारा का जन्म हुआ पर अंततः वह अपने सामानवाही नौकर से विवाह करने के लिये घर से भाग गयी। जब वह अपने दूसरे पुत्र को जन्म देने वाली थी, तभी उसके साथ एक त्रासदी हो गई। एक ही दिन में उसने अपना सम्पूर्ण परिवार खो दिया। कहा जाता है कि उसके पति को विषैले सर्प ने…read more

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