ॐ स्वामी

एक मिलियन विचार

“अ मिलियन थोट्स”, यह मेरी ध्यान पर सर्वोत्तम विस्तृत पुस्तक-रचना है। ध्यान पर आपकी अ से ह तक की पथप्रदर्शिका।

यह फरवरी २०११ के अंत का समय था। १०,००० फुट की ऊंचाई पर, हिमालय के एक वन में, जहां उस छप्पर की कुटिया के बाहर बर्फ के हिमलम्ब लटक रहे थे, मैं गहन ध्यानावस्था में बैठा था। तन और मन दोनों की सुदृढ़ स्थिरता में बैठे १० घंटे इतनी सुगमता से व्यतीत हो चुके थे जिस प्रकार रात्रि भोर में रूपांतरित होती है। पूर्ण चंद्रमा की शीतल किरणें मेरे सम्मुख रखे श्री यंत्र पर उतर आईं। यह यंत्र कुंडलिनी अथवा माँ जगजननी का ज्योमितिकीय द्योतक था एवं मेरे उस समय…read more

व्यापक – विपथन के शस्त्र

सोशल मीडिया के कारण हमारे भावनात्मक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर पड़ता कुप्रभाव अतिशय वास्तविक है।

मैं गत माह सिंगापुर से विमान द्वारा लौट रहा था। वह ५ १/२ घंटे की हवाई यात्रा थी। समीप की सीट, जो मात्र एक छोटे से आने जाने के मार्ग भर की दूरी पर थी, एक बालक बैठा था जो लगभग १२ वर्ष के आसपास का होगा। साथ में उसकी बहन बैठी थी मात्र कुछ वर्ष बड़ी। वे विमान में आने वाले आखिरी यात्री थे व बिलकुल अंतिम क्षणों में ही विमान पर सवार हो पाये थे। दस मिनट के भीतर ही विमान ने उड़ान भर ली। जैसे ही हमारा…read more