ॐ स्वामी

एक धन्य जीवन

कभी कभी दूसरों द्वारा झेले गए कष्टों का विवरण सुनने के उपरांत ही हमें अपने सौभाग्यशाली जीवन का एहसास होता है।

नौ वर्ष पूर्व, हमने अपने व्यवसाय हेतु एक स्थान किराए पर लिया। यह एक चार मंजिल की इमारत थी और हमने इसे अपनी रुचिनुसार ठीक-ठाक करवाया था। इसके रख-रखाव के लिए हमने एक ‘हाउस-कीपिंग ऐजेंसी’ की सेवाएँ लीं जिसने हमें उपयुक्त कर्मचारी प्रदान किए। हम प्रसन्न थे कि हमें अपने अन्य कार्य-कलापों, प्रशिक्षण, उन्हें बनाए रखना इत्यादि की चिंता करने की आवश्यकता नहीं थी। मात्र कुछ अधिक राशि के भुगतान से एक बाहरी ऐजेंसी के ऊपर यह सब दायित्व था। मैंने उनमें से एक कर्मचारी, उसका नाम “ऐ-जे” रख लेते…read more

भय का स्रोत

जिस प्रकार एक पौधे का मूल स्रोत बीज होता है, हमारे भय का भी एक स्रोत होता है। अपनी व्यग्रता, डर व आशंकाओं से ऊपर उठने के लिए हमें उनके स्रोत तक पहुंचना होगा।

पेमा चोद्रन (Pema Chödrön) ने ‘वेन थिंग्स फॉल अपार्ट’ (When Things Fall Apart) में अपने गुरु के विषय में एक रोचक घटना का उल्लेख किया है – उनके गुरु तिरुङ्ग्पा रींपोचे – जो एक दृढ़, विवादास्पद, किन्तु स्पष्ट, पारदर्शी व सत्यवादी थे। एक युवा ने एक बार उनसे पूछा कि क्या उन्हें कभी डर लगा? रींपोचे ने उत्तर में कहा कि उनके मठ से जुड़े प्रशिक्षण के अंतर्गत उन्हें शमशान जैसे स्थान पर जाना होता था जो उन्हें भयभीत कर देता; और उन्हें ऐसे विषयों पर चिंतन करना होता था…read more

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