ॐ स्वामी

अपने वचन का सम्मान रखना

अपने वचन के निर्वाह हेतु सच्चाई व अनुशासन की आवश्यकता होती है जो हम प्रकृति से सीख सकते हैं।

“लेफ्टिनेंट”, मेजर ने चेतावनी दी, “आप पुनः वहाँ नहीं जा रहे।” “श्रीमान, कृपया मुझे क्षमा करें,” लेफ्टिनेंट ने कहा, “मुझे जाना ही होगा।” “आप मेरी आज्ञा का उल्लंघन कर रहे हैं। और, इसके साथ ही, वह तो अब तक मृत होगा!” “मुझे क्षमा करें श्रीमान, किन्तु अपने मित्र को बचाने मुझे वहाँ पुनः जाना ही होगा।” अनुश्रुति है कि यह एक वास्तविक घटना है। वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना की एक टुकड़ी शत्रु पक्ष के क्षेत्र में, गोलीबारी के बीच फंस गई। एक सैनिक को छोड़, जो संघातिक रूप…read more

बटरफ्लाइ इफैक्ट

क्या मुंबई में एक नन्ही सी तितली के पंख फड़काने से हिमालय में हिमस्खलन की संभावना बन सकती है?

अति सम्माननीय बाबा बाल भारती के पास एक अति सुंदर, बलवान, अरबी घोड़ा था। उस स्टेलियन को निगाह भर देखने मात्र से उनका मन वैसे ही भावों से ओतप्रोत हो जाता जैसा किसी किसान का अपनी लहलहाती फसल को देख कर होता है। बाबा के सही-सटीक भविष्यवाणी करने के गुण से प्रभावित हो मुगल साम्राज्य के अंतिम सम्राट ने भेंट स्वरूप वह अश्व बाबा को दिया था। बाबा, जो एक फकीर थे, एक गाँव में मंदिर के प्रांगण में रहते थे जहां उन्होंने अपनी कुटिया व घोड़े के लिए अस्तबल…read more

1