ॐ स्वामी

आदर का आधार

वह मार्ग जो तुच्छ मानवीय भावनाओं से कहीं ऊपर, दिव्यता तक पहुंचता है, उस पर चलने हेतु मात्र एक गुण पर्याप्त है। वह है..... (आगे पढ़ें)

ब्रहमदत्त, काशी के राजदरबार में विगत चालीस वर्षों से अपनी सेवायें प्रदान करते आ रहे थे व उस राज्य के सर्वाधिक विश्वासपात्र मंत्री थे। वहाँ के राजा न केवल प्रत्येक महत्वपूर्ण कार्य में उनका परामर्श लेते, अपितु उन्हें इतना स्नेह देते कि ब्रहमदत्त प्रायः रात्रिभोज राजपरिवार के साथ ही लिया करते। उन्हें महाराज के निजी कक्ष में प्रवेश की पूर्ण अनुमति थी। अन्य सभासद उनकी ईमानदारी के लिए उन्हें अत्यधिक सम्मान प्रदान करते एवं काशी की प्रजा उनकी बुद्धिमत्ता को देखते हुए उन्हें अति आदरणीय मानती। एक बार राजकोष के…read more

नैपुण्य का रहस्य

प्रस्तुत है पाब्लो पिकासो के जीवन से एक सुंदर कथा, जो हमें प्रवीणता प्राप्त करने पर एक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।

स्पेन का प्रसिद्ध चित्रकार पाब्लो पिकासो फ्रांस में एक छोटे से काफ़ीहाउस में बैठा था। वह अपने तीसरे कॉफी कप की प्रतीक्षा कर रहा था। उसकी एक सिगरेट ऐशट्रे में सुलग रही थी और वह एक काग़ज़ के नैपकिन पर चित्र बना रहा था। अन्यमनस्क पिकासो को निकटवर्ती मेज पर बैठी एक महिला बड़ी उत्सुकता से देख रही थी। कुछ क्षणों बाद पिकासो ने अपनी पेंसिल को नीचे रख दिया और नैपकिन को अपने हाथों में उठा लिया। वह नैपकिन को भावशून्य दृष्टि से देख रहा था जैसे कि वह…read more