ॐ स्वामी

जीवन की वर्णमाला

क्या इस जीवन के दुखों से बाहर निकलने का कोई मार्ग नहीं है?

हाल ही में मेरे पिताजी ने मुझसे कहा, “जीवन ने मुझे यह सिखाया है स्वामीजी कि हर मनुष्य को अकेले ही अपनी जीवन यात्रा से होकर जाना पड़ता है।” वे थोड़े अशांत व उद्विग्न थे, क्योंकि कुछ दिन पूर्व वे एक छलपूर्ण फोन कॉल का शिकार हो गए थे। फोन पर एक व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उनका बैंक कार्ड अवरुद्ध हो गया है। कई चरणों के माध्यम से कॉलर उनसे सही विवरण निकालने में सफल हो गया और उनके बैंक खाते की जानकारी प्राप्त कर ली। और दो मिनट…read more

प्रबोधन

क्या प्रबोधन का यह अर्थ है कि आप सदैव परम आनंद का अनुभव करेंगे?

“मुझे प्रबोधन की प्राप्ति कैसे हो?” किसी ने मुझसे एक दिन पूछा। “क्या आप मुझे कुछ गहन अनुभव नहीं प्रदान कर सकते? मैं अपने जीवन में आमूल परिवर्तन चाहता हूँ।” मुझसे बहुत से उत्साही जिज्ञासु बहुधा इस प्रकार के प्रश्न करते हैं। वे किसी राम-बाण की खोज में हैं, कोई रहस्मय सत्य जो उनकी सारी समस्याओं का समाधान कर देगा (आध्यात्मिक व सांसारिक)। जबकि कई व्यक्ति सततः व्यक्तिगत प्रयास का महत्त्व समझते हैं, अधिकतर व्यक्ति तुरंत समाधान की खोज में हैं। प्रस्तुत है आद्य शक्ति द्वारा रचित एक उद्धरण जो…read more