कुत्तों से सावधान

यहाँ कुछ ऐसी बात है, जिस पर सप्ताहांत में विचार करना चाहिए।

एक धार्मिक व्यक्ति ने ४० दिनों की एक साधना की।इस साधना के अंत में उसे किसी को भोजन कराना था ।उसने स्थानीय मंदिर के पुजारी को आमंत्रित करना चाहा  लेकिन वह पहले ही  किसी  और से वादा कर चुके थे इस कारण  उन्होंने उसके आमंत्रण को  अस्वीकार कर दिया। वह घर को वापस आ रहा था कि उसे  एक वृद्ध भिखारी दिखाई दिया । उसने सोचा कि मैं इसे भोजन हेतु आमंत्रित कर सकता हूँ आख़िकार सभी में एक ही ईश्वर का वास होता है। एक जीवित आत्मा को भोजन…read more