संतोषजनक जीवन का रहस्य

अंतत: यह इतना जटिल नहीं है - कड़ी मेहनत करें और पूर्णतः जीवन का आनंद लें।

“मुझे सोमवार पूर्णतया नापसंद है,” किसी ने मुझसे एक दिन कहा। “और यदि सोमवार का अवसाद नामक कोई रोग है, तब मुझे अवश्य वह रोग है।” इस व्यक्ति ने तर्क दिया कि हालांकि वह धन उपार्जन कर रहा था, वह अपना आदर्श जीवन नहीं जी रहा था। उसने सब कुछ किया क्योंकि वह अनिवार्य था। “यदि मेरे उत्तरदायित्व नहीं होते तो मैं आपके जैसे वस्त्र पहनता और स्वतंत्र रूप से घूम रहा होता।” “ओह!” मैंने मुस्कुराते हुए कहा। “यह फ़ेसबुक का मायाजाल है।” उसने मुझे विचित्र रूप से देखा और मैंने कहा,…read more