ॐ स्वामी

अच्छे लोग क्यों कष्ट पाते हैं?

यह एक प्रश्न है, जिसने सभी महान मस्तिष्कों को हमेशा त्रस्त किया है।

मुझे स्मरण है कि मैने  बचपन में दो पुस्तकें पढ़ी थीं और उनको पढ़ने में बहुत आनंद आया था, वे थीं हितोपदेश और पंचतंत्र जो कि ऐसोप  की दंत कथाओं का भारतीय संस्करण है जो कि लगभग  २००० वर्ष पहले लिखी गयी थीं। मैं  आपके साथ एक विशेष कहानी साझा करना चाहता था कि मुझे  इसी प्रकार की एक कहानी पढ़ने में आयी  जो कि उदयलाल पई ने लिखी है “ आप एक शेर को नहीं खाते इसका यह अर्थ नहीं है कि शेर आपको नहीं खाएगा।”मैं इसका थोड़ा अंश …read more

उस मेंढक को खाओ

इस लेख में क्षमता के चार स्तरों के बारे में और समय के प्रबंधन हेतु कुछ तरीक़े दिए गए हैं।

मार्क ट्विन ने एक बार कहा था, “ प्रतिदिन सुबह सबसे पहले एक ज़िंदा मेंढक खाएँ और सारे दिन आपके साथ कुछ भी  बुरा नहीं होगा।” यदि उसने इस प्रकार की बात वास्तव में कही हो तो यह बहस के योग्य है। यदि आप ,जो दृश्यमान हो रहा है उसे त्याग दें तो यह छोटी सी सलाह अमूल्य है। ब्रायन ट्रेसी ने अपनी पुस्तक में “उस मेंढक को खाओ” इस पुरानी कहावत के बारे में अधिक विस्तार से लिखा है । आपका मेंढक आपका सर्वाधिक बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण कार्य…read more