ॐ स्वामी

कष्ट के उपहार

यहाँ एक सुंदर कहानी दी जा रही है जो यह दर्शाती है कि जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना हम कैसे करें।

एक प्रसिद्ध जेन सन्यासी बीते वर्ष के विदाई हेतु आयोजित भोज में गए इसका आयोजन एक श्रेष्ठ धनी व्यक्ति ने किया था। यहाँ पर आने वाला शहर का प्रत्येक व्यक्ति जो एक दूसरे से मिल रहा था समारोह को एक अद्भुत रंग प्रदान कर रहा था, जो एक सामान्य अवलोकन करने वाले को आश्चर्य चकित कर देता था। शानदार जापानी नर्तकियाँ, महँगी शराब, सुगंध के झोंके सारे हाल को आपूरित कर रहे थे। और स्वादिष्ट भोजन की सुगंध इंद्रियों को मदमस्त कर रही थी। एक उच्च कुलीन व्यक्ति जेन सन्यासी…read more

एक प्रतिभावान का निर्माण करना

क्या यह सम्भव है कि किसी बच्चे को प्रतिभावान बनाया जा सकता है या एक प्रकृति के द्वारा प्रतिभावान जन्म लेते हैं? यहाँ एक मनोहर किंतु सच्ची कहानी दी जा रही है।

सन १९७३ की बात है सूज़न जो कि ४ वर्ष की थी, ने  अपने अतिथि गृह की आलमारी को खोला तो एक छोटे से थैले  से अनेक शतरंज के मोहरे  गिर पड़े ,और  उसके ठीक सामने शतरंज की बिसात लिपटी हुई पड़ी हुई थी।उसने उनको बाहर निकाला और शतरंज के  मोहरों को भ्रमित होकर उसी प्रकार देखा जैसे कि उसकी आयु के बच्चे को देखना चाहिए। सूज़न ने एक मोहरे  को हाथ में लेकर परीक्षण करते हुए भोले पन से पूछा  माँ यह क्या है ? जसूजसा  की माँ ने…read more