ॐ स्वामी

गुब्बारा सिद्धांत

वह क्या है जो औसत संगठनों को महानता की ऊँचाइयों तक पहुँचाता है?

पिछले सप्ताह हमारे यहाँ एक अद्भुत ‘ब्लैक लोटस चैम्पियनस ओरींटेशन इवेंट’ था। यह कार्यक्रम मात्र आमंत्रित जनों के लिए था। सभागृह में उपस्थित जन  उदार विचारों वाले थे । इतने सारे  लोग  जो कि करुणा  के विस्तार हेतु प्रतिबद्ध हों को देखना हृदय स्पर्शी था। मेरा विश्वास है कि ,करुणा का अभ्यास न केवल हमारे समाज पर उत्कृष्ट प्रभाव डालता है , बल्कि यह आपके जीवन की दिशा  को पूर्णतया परिवर्तित कर देता है, और यह मेरे अनुभव और अवलोकन पर आधारित है । सरल रूप से कहा जाए  तो…read more

जागो समय बीता जा रहा है

यहाँ कुछ है जिस पर विचार करना है...

कथा है कि बुद्ध एक बार जेतवन  में प्रवचन दे रहे थे, और अंत में उन्होंने कहा “ जागो, समय बीता जा रहा है!’ एक घंटे बाद वे अपने निकटतम शिष्यों के साथ बाहर निकले, इन शिष्यों में  सदा सेवा करने वाले आनंद और सदैव  जिज्ञासु  शरिपुत्र भी थे। बुद्ध के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग भी एकत्रित थे। बुद्ध दरवाज़ों के पास शांत कोने में  रुक गए ताकि भीड़ छँट जाए और वे आगे जा सकें। ठीक उसी समय एक स्त्री ने उनको आवाज़ दी और  दौड़ती…read more

मस्तिष्क की क्षमता

मस्तिष्क की क्षमता में वृद्धि किस प्रकार की जाए?

किसी ने मुझसे एक दिन पूछा अपनी मस्तिष्क की क्षमता बढ़ाने के लिए मैं क्या कर सकता हूँ?  आगे उसने स्पष्ट किया कि उसका तात्पर्य यह है कि, व्यक्ति क्या करे कि वह  और अधिक रचनात्मक हो सके और  अपनी पूर्ण क्षमता का साक्षात्कार  कर सके। उसके इस प्रश्न ने मुझे  प्लेटो के गुफा के दृष्टांत का स्मरण करा दिया।“बुक VII ओफ़  रिपब्लिक “ में प्लेटो ने  संसार और यहाँ के निवासियों की तुलना  गुफा और उसके क़ैदियों से की है । वे  जो सामने है  उसे ही मात्र देख…read more

सुखी विवाह के रहस्य

यहाँ एक विवाह किस प्रकार सफल हो उसके लिए कुछ  रहस्य दिए जा रहे हैं, संत कबीर के जीवन की एक गहन दृष्टि  से पूर्ण कहानी के साथ

हताश व्यक्ति ने जो कि बड़ी ही आशा से कबीर के बारे में उनकी कुशाग्रबुद्धि   की बातें सुनकर आया था, कबीर से कहा क्या आपके पास मेरे लिए कोई सलाह है? कबीर ने अपने चरखे पर वस्त्र कातते हुए कहा क्यों? क्या हुआ? “ मेरी पत्नी और मैं बिलकुल अनुरूप नहीं  हैं। हम हर चीज़ पर बहुत वाद-विवाद करते हैं। मैं नहीं जानता मैं अपने विवाह को कैसे बचाऊँ।” कबीर ने अपनी कताई रोककर कहा; मेरे मित्र! निराश न हो, हर चीज़ का हमेशा कोई हल होता है। मौन में…read more

शांत कैसे बनें?

आप शांति में कैसे रहें और अपने सम्बंधों को आहत न करें। इस पर एक स्वर्णिम सलाह के साथ यहाँ एक सरल कहानी है

पिछले वर्ष जब मैं ओशो के सिक्रेट्स ओफ़ सिक्रेट्स को सुनते हुए( धन्यवाद है कि यह श्रव्य था ), मैने एक रूसी संत जी आइ गुर्दजीफ़्फ़ के जीवन से एक कहानी सुनी। हालाँकि मैने स्वयं कुछ वर्ष पूर्व उनकी पुस्तकों  का स्वयं अध्ययन किया तो उनमें मैने उनके जीवन की ऐसी  किसी घटना के बारे में नहीं पढ़ा और ना ही इस प्रकार की किसी घटना का पी डी ओऊसपेंस्की   (वे  काफ़ी दीर्घ काल तक  उनके शिष्य रहे ) की पुस्तकों में  कहीं वर्णन है। इसलिए हालाँकि  मैं इस कहानी …read more