ॐ स्वामी

प्रसन्नता के लिए छोटा मार्ग

क्या प्रसन्नता के लिए कोई छोटा मार्ग या द्रुत मार्ग है। यहाँ एक सुंदर कथा है जो आपको सोचने के लिए विवश करेगी।

जब मैं बेंगलोर में  लिट फ़ेस्ट में बोल रहा था तो नारायणी गणेश ने मुझसे पूछा कि क्या प्रसन्नता के लिए कोई छोटा मार्ग है? ओह! मैने कहा “ तुम्हारा अर्थ है कि प्रसन्नता के लिए जुगाड़ ? वह और अन्य श्रोता मेरे साथ धीरे धीरे  हंस दिए । जुगाड़ का अर्थ है कुछ अनूठा हल खोज लेना,  किसी समस्या के लिए कुछ नवीन हल खोजना, किसी समस्या के हल के लिए  ऐसा कार्य करना जिसकी अनुपस्थिति में शायद उसके लिए बहुत अधिक संसाधनों की आवश्यकता होती ।आक्सफ़ोर्ड  इंग्लिश शब्दकोश…read more

सर्वोत्तम स्थान

सर्वोत्तम स्थान क्या होना चाहिए? एक सुंदर कहानी प्रस्तुत है।

क्या आपने कभी ध्यान दिया कि हम सदा हमारे हृदय , अन्यों के हृदय और जीवनों में सदा एक स्थान की खोज करते रहते हैं। एक स्थान जो हमें ख़ुशी प्रदान कर सके। हम चाहते हैं कि हमारा महत्व हो। हम किसी से या किसी चीज़ से जुड़ना चाहते हैं। हमें यह विश्वास है कि हमारी माँग होना या प्रसिद्ध होना इस बात को इंगित करता  है कि हम कितने महत्वपूर्ण हैं या लोग हमें कितना प्रेम करते हैं। अन्य शब्दों में कहा जाए तो हम सोचते हैं कि जितना…read more

उस मेंढक को खाओ

इस लेख में क्षमता के चार स्तरों के बारे में और समय के प्रबंधन हेतु कुछ तरीक़े दिए गए हैं।

मार्क ट्विन ने एक बार कहा था, “ प्रतिदिन सुबह सबसे पहले एक ज़िंदा मेंढक खाएँ और सारे दिन आपके साथ कुछ भी  बुरा नहीं होगा।” यदि उसने इस प्रकार की बात वास्तव में कही हो तो यह बहस के योग्य है। यदि आप ,जो दृश्यमान हो रहा है उसे त्याग दें तो यह छोटी सी सलाह अमूल्य है। ब्रायन ट्रेसी ने अपनी पुस्तक में “उस मेंढक को खाओ” इस पुरानी कहावत के बारे में अधिक विस्तार से लिखा है । आपका मेंढक आपका सर्वाधिक बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण कार्य…read more

दयालुता का महत्त्व

प्रस्तुत है एक सुंदर कथा जिसे पढ़ कर इस सप्ताहांत आप चिंतन कर सकते हैं।

विजयनगर के सम्राट कृष्णदेवराय के मंत्री अपने राजा की जय जयकार कर रहे थे। राजा प्रसन्नता और गर्व से प्रफुल्लित था। आखिरकार, यह उसका सक्षम शासन था कि कारागृह लगभग रिक्त थे, उसके राजकोष और अन्न भंडार भरे हुए थे और नागरिकों ने अपने करों का भुगतान कर दिया था। राजा ने कहा “चूंकि मैं अनुरागशील, न्यायी और ईमानदार व्यक्ति हूँ, इस लिए यह स्वाभाविक है कि मेरी प्रजा भी मेरे जैसी है।” दरबारियों ने पूरे हृदय से सहमति व्यक्त की और अपने राजा का गुणगान किया। राजा के विशेष…read more

आपके जीवन का उद्देश्य

यदि आप इस ब्लॉग पर केवल एक लेख पढ़ने के लिए कहें, तो वह यह लेख है।

यह कदाचित पिछले आठ वर्षों में लिखा गया मेरा सबसे महत्वपूर्ण लेख है। आप इसे एक घोषणा, प्रकाशन या केवल एक और लेखन के रूप में देख सकते हैं। किसी भी प्रकार से देखें, इसमें आपके लिए कुछ महत्वपूर्ण है। इन सभी वर्षों में, मैंने हज़ारों व्यक्तियों से भेंट की है। न केवल सभाओं या समूहों में, परंतु व्यक्तिगत रूप में भी। पुस्तकें (और इस ब्लॉग पर लेख) लिखने के अतिरिक्त, मैंने प्रमुख रूप से यही किया है। जीवन के सभी क्षेत्रों के व्यक्तियों से मेरी भेंट हुई। यदि प्रत्येक…read more