ॐ स्वामी

आपके जीवन का उद्देश्य

यदि आप इस ब्लॉग पर केवल एक लेख पढ़ने के लिए कहें, तो वह यह लेख है।

यह कदाचित पिछले आठ वर्षों में लिखा गया मेरा सबसे महत्वपूर्ण लेख है। आप इसे एक घोषणा, प्रकाशन या केवल एक और लेखन के रूप में देख सकते हैं। किसी भी प्रकार से देखें, इसमें आपके लिए कुछ महत्वपूर्ण है। इन सभी वर्षों में, मैंने हज़ारों व्यक्तियों से भेंट की है। न केवल सभाओं या समूहों में, परंतु व्यक्तिगत रूप में भी। पुस्तकें (और इस ब्लॉग पर लेख) लिखने के अतिरिक्त, मैंने प्रमुख रूप से यही किया है। जीवन के सभी क्षेत्रों के व्यक्तियों से मेरी भेंट हुई। यदि प्रत्येक…read more

क्या है वह जो मात्र प्रेम कर सकता है?

यह एक सुंदर सत्य कथा है, जो आपको प्रेम के विषय में सोचने पर विवश कर देगी ...

आस्था की ही भाँति प्रेम भी तर्क या बुद्धि से परे है। यह वह चीज़ है जो हमें विकसित होने, रूपांतरित होने और असम्भव को सम्भव बनाने हेतु प्रेरित करती है। मुझे इस बात का  तो निश्चय नहीं है कि प्रेम  पर्वतों को चलायमान कर सकता है, लेकिन यह विश्वास अवश्य है कि यदि प्रेम की धारा आपके हृदय से निकल रही है तो आप सारे ब्रह्मांड को हिला सकते हैं। कठोपनिषद में नचिकेता और महाभारत में सावित्री की कहानी मनुष्य की इस क्षमता की  यदि साक्षी नहीं है तो…read more

अकेलापन

अकेलापन का योगिक दृष्टिकोण (और इसे दूर करने की विधि) हमारे समकालीन विचारों से पूर्णतया भिन्न है।

यह एक आशीर्वाद है यदि आप इसका उपयोग कर सकें और इससे उत्साहित एवं प्रेरित हो सकें। यदि नहीं, तब यह निरंतर अशांति व रिक्तता का मूल कारण बन जाता है। यह आपको अनुभव कराता है कि सब कुछ गलत है और आप एक व्यक्ति के रूप में पूर्ण नहीं हैं। आपको ऐसा प्रतीत होता है कि आपको कुछ करने की आवश्यकता है या किसी को ढूंढने की आवश्यकता है, जिससे आप जो शून्यता का अनुभव कर रहे हैं, उससे उभरें। कदाचित आपको एक नया या भिन्न रिश्ता बनाना चाहिए।…read more

संतोषजनक जीवन का रहस्य

अंतत: यह इतना जटिल नहीं है - कड़ी मेहनत करें और पूर्णतः जीवन का आनंद लें।

“मुझे सोमवार पूर्णतया नापसंद है,” किसी ने मुझसे एक दिन कहा। “और यदि सोमवार का अवसाद नामक कोई रोग है, तब मुझे अवश्य वह रोग है।” इस व्यक्ति ने तर्क दिया कि हालांकि वह धन उपार्जन कर रहा था, वह अपना आदर्श जीवन नहीं जी रहा था। उसने सब कुछ किया क्योंकि वह अनिवार्य था। “यदि मेरे उत्तरदायित्व नहीं होते तो मैं आपके जैसे वस्त्र पहनता और स्वतंत्र रूप से घूम रहा होता।” “ओह!” मैंने मुस्कुराते हुए कहा। “यह फ़ेसबुक का मायाजाल है।” उसने मुझे विचित्र रूप से देखा और मैंने कहा,…read more

दयालुता का विपरीत

क्या आपने कभी विचार किया है कि दयालुता का विपरीत क्या है? क्या यह निर्दयी होना है या कुछ और?

आपके अनुसार दयालुता का विपरीत क्या है? क्या यह दूसरे व्यक्ति को हानि पहुँचाना है? मेरे विचार से ऐसा नहीं है। आप पूछेंगे फिर यह क्या है? दो वर्ष पूर्व मैं सुवि के साथ उनकी गाड़ी में एक व्यस्त बाजार से होकर यात्रा कर रहा था। मैं सुवि को लगभग दो दशकों से भी अधिक समय से जानता हूँ। मेरे प्रति उनका प्रेम एवं उनकी निष्ठा अभी भी मुझे विस्मित कर देती है। जून का महीना था और कड़ाके की सर्दी थी। हमारी गाड़ी में हीटर अपनी अधिकतम गति पर…read more