ॐ स्वामी

नैपुण्य का रहस्य

प्रस्तुत है पाब्लो पिकासो के जीवन से एक सुंदर कथा, जो हमें प्रवीणता प्राप्त करने पर एक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।

स्पेन का प्रसिद्ध चित्रकार पाब्लो पिकासो फ्रांस में एक छोटे से काफ़ीहाउस में बैठा था। वह अपने तीसरे कॉफी कप की प्रतीक्षा कर रहा था। उसकी एक सिगरेट ऐशट्रे में सुलग रही थी और वह एक काग़ज़ के नैपकिन पर चित्र बना रहा था। अन्यमनस्क पिकासो को निकटवर्ती मेज पर बैठी एक महिला बड़ी उत्सुकता से देख रही थी। कुछ क्षणों बाद पिकासो ने अपनी पेंसिल को नीचे रख दिया और नैपकिन को अपने हाथों में उठा लिया। वह नैपकिन को भावशून्य दृष्टि से देख रहा था जैसे कि वह…read more

अपने वचन का सम्मान रखना

अपने वचन के निर्वाह हेतु सच्चाई व अनुशासन की आवश्यकता होती है जो हम प्रकृति से सीख सकते हैं।

“लेफ्टिनेंट”, मेजर ने चेतावनी दी, “आप पुनः वहाँ नहीं जा रहे।” “श्रीमान, कृपया मुझे क्षमा करें,” लेफ्टिनेंट ने कहा, “मुझे जाना ही होगा।” “आप मेरी आज्ञा का उल्लंघन कर रहे हैं। और, इसके साथ ही, वह तो अब तक मृत होगा!” “मुझे क्षमा करें श्रीमान, किन्तु अपने मित्र को बचाने मुझे वहाँ पुनः जाना ही होगा।” अनुश्रुति है कि यह एक वास्तविक घटना है। वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना की एक टुकड़ी शत्रु पक्ष के क्षेत्र में, गोलीबारी के बीच फंस गई। एक सैनिक को छोड़, जो संघातिक रूप…read more

बटरफ्लाइ इफैक्ट

क्या मुंबई में एक नन्ही सी तितली के पंख फड़काने से हिमालय में हिमस्खलन की संभावना बन सकती है?

अति सम्माननीय बाबा बाल भारती के पास एक अति सुंदर, बलवान, अरबी घोड़ा था। उस स्टेलियन को निगाह भर देखने मात्र से उनका मन वैसे ही भावों से ओतप्रोत हो जाता जैसा किसी किसान का अपनी लहलहाती फसल को देख कर होता है। बाबा के सही-सटीक भविष्यवाणी करने के गुण से प्रभावित हो मुगल साम्राज्य के अंतिम सम्राट ने भेंट स्वरूप वह अश्व बाबा को दिया था। बाबा, जो एक फकीर थे, एक गाँव में मंदिर के प्रांगण में रहते थे जहां उन्होंने अपनी कुटिया व घोड़े के लिए अस्तबल…read more

एक अच्छे रिश्ते का रहस्य

घनिष्ठ मित्रता में आनंद एक अंगीठी के समीप बैठने जैसा है। प्रस्तुत है एक सुंदर लघु कथा।

हामिन सुनीम जो दक्षिण कोरिया के एक उत्तम ज़ेन शिक्षक हैं, उनके द्वारा रचित ‘द थिंग्स यू कैन सी ओन्ली वेन यू स्लो डाउन’ में उन्होंने अपने जीवन से एक गहन घटना साझा की है। जब मैं लगभग बीस-पच्चीस वर्ष का था, मैं अपने मठ के एक घनिष्ठ मित्र के साथ दो सप्ताह के लिए यूरोप की यात्रा पर गया। जब हम रोम में हवाई अड्डे पर पहुँचे, तब हम अत्याधिक उत्साहित थे। हम एक दूसरे को कुछ वर्षों से जानते थे और हमारी एक दूसरे के साथ बहुत अच्छी…read more

आपके जीवन का केन्द्रबिन्दु

प्रकृति में सब कुछ पूर्ववत सुंदर था, किन्तु पिंगला अब उस सुंदरता को देख नहीं पा रही थी...

श्रीमद भागवत पुराण में एक सुंदर वृतांत है। एक अवधूत, अर्थात आत्मसाक्षात्कारी महापुरुष, के ज्ञान से प्रभावित हो राजा यदु ने उनसे उनके गुरु के विषय में जानना चाहा, जिसके उत्तर में उन्होंने बताया कि उनके अनेकों गुरु थे, जिनमें एक वैशया भी उनकी गुरु थी। “एक वैशया?” राजा ने घृणा के भाव से पूछा। “हाँ, क्यों नहीं?” अवधूत बोले। “सुनो, मैंने उससे क्या ज्ञान पाया।” और, उन्होंने पिंगला का वृतांत आरंभ किया। पुरातन विदेह नगरी में पिंगला एक अति सुंदर गणिका थी। अपने रक्तवर्ण ओष्ठों की ताजगी व अति…read more